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Hindi Essay-Pradushan Par Nibandh In Hindi

Pradushan Par Nibandh In Hindi 


प्रदुषण खास कर Pradushan Par Nibandh In Hindi जो की Pradushan Par Nibandh In Hindi 250 Words सभी class ७,८,९,१० के लिए प्रदुषण पर निबंध उपयोग में आ सकता है।  पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध in hindi pdf download यहाँ से कर सकते है साथ ही में आपको और भी Hindi Essay के लिए pradushan par nibandh in hindi for class 6 के लिए भी यहाँ से pradushan par nibandh in hindi for class 6 Pdf download कर सकते है।  pradushan essay in hindi में आपको पूरा निबंध मिल जायेगा।  pradushan essay in hindi for class 10 के लिए सबसे पहला वाला निबंध जो की 900 word का है जो आपको डाउनलोड करना है। 



प्रदूषण पर निबंध in Hindi



Pradushan Essay in Hindi for class 7,8,9,10


 प्रदुषण से पता है क्या होता है ? हमारी भूमि प्रदुषण की बवजह से विनाश की और जा रही है।  आपको पता ही नहीं की एक भी प्लास्टिक का टुकड़ा हमें कितना नुकशान दे सकता है।  जैसे की एक उदाहरण है की एक प्लास्टिक का टुकड़ा अगर आप अपने सरीर में दाल दो आपको ओप्रशंन भी करना पद जाये।  और आप उसे हमारी भारतमाता जो की धरती माँ है।  उसे ख़राब कर रहे हों।  प्रदुषण पर निबंध In Hindi  




पृथ्वीका प्रदूषण :

                                      प्रदुषण आज के समय का एक सबसे बड़ा मुद्दा है जिसके बारे में सभी जानते है। पर्यावण प्रदुषण हमारे जीवन की सबसे बड़ी समस्या है।  प्रदुषण की वजह से हमारा पर्यावण बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है। आपका फैलाया हुआ प्रदूषण किसी भी तरह का हो लेकिन वो बहुत समय बाद हमारे पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक हो सकता हैं। 
                            प्रदुषण के  कारन हमारी पृथ्वी दूषित होती है ओर  हमारे पर्यावण का संतुलन बिगड़ जाता है। हम सभी लोग प्रदूषित दुनिया में रह रहे है।  मनुष्य प्रजाति pradushan essay in hindi  प्रदुषण को उत्पन करने में सबसे बड़ा योग दान है। इस पृथ्वी पर सभी चीजे प्रदूषित है जैसे की वायु,जल ,पानी ,भोजन वगेरा ।  लोग पॉलीथिन एवम पेट्रोलियम जैसी प्रदूषित चीजे ज्यादातर उपयोग में लेते है। जिसकी वज़ह से पर्यावण और  मनुष्यो पर ज्यादा हानि हो रही है। वैज्ञानिको द्रारा भी इसे सूचीबुद्ध किया गया है और हमारी सराकर भी इस विषय में ज्यादा चिंतित है। 

प्रदुषण का  प्रकार :
  बताया जाये तो  आम तौर  पर पर्यावण कें  तीन प्रकार होते है।  अजैविक या  निर्जीव जैविक या सजीव या ऊर्जा ऐसे तीन प्रकार होते है।     

प्रदुषण का मुख्य कारण :
प्रदुषण को बठाने की जिम्मेदार मनुष्य जाती खुद ही है । क्युकी मनुष्य जाती ऐसी कही चीजों का  उपयोग कर रही है  जिसे बनाने में कही ज्यादा हानिकारक पदाथो का उपयोग किया जाता है और ये चीज उपयोग के बाद फालतू हो जाती है तब इन्हे फेक दिया जाता है इसे के कारन से पृथ्वी पर आसपास का वातावरण बिगड़ जाता है। ऐसी चीजे केमिकल्स बन जाती है और वो प्रदुषण को ज्यादा दूषित करती है। प्रदुषण  की समस्या बड़े बड़े सहेरो में ज्यादा देखि जाती है क्युकी वह दिन कारखानों का और मोटरगाड़िओका  धुँआ ज्यादा पापाया जाता है जिसकी वजह से लोगो को साँस लेने pradushan essay in hindi में भी दिक्कत होती है।  मनुष्य अपनी प्रगति के  लिए पेड़  और पोधो को ज्यादातर काट रहा है जिसके कारण पृथी पर प्रदुषण बढ़ रहा है जिसकी  वजह से बीमारिया बढ़ रही है।
      
पर्यावण में कार्बोन डायोक्साइड का प्रमाण अधिक मात्रा में होता जा रहा है जिसके कारन पृथ्वी पर का तापमान बढ़ता जा रहा है ऐसे ही पृथ्वी पर तापमान बढ़ने से ओजोन परत को हानि हो रही है जिसकी वजह से सूर्य की किरणे सीधे धरती पर आने  लगती है और मनुष्य को अलग अलग तरह की बीमारिया होने  लगती है।  जिसके कारण कही लोगो की मोत भी हो जाती है। मनुष्य को प्रकृति से मिली ये एक अनमोल भेट है जो वो ऐसे ही व्यर्थर रहा है। मनुष्य सभी तरह के  पर्यावण को प्रभावित कर रहा है।  जीवन की सभी परिस्थितिओ को खुद ही प्रभावित कर रहा है।  पिछले दशक  से पर्यावरण   बहुत अधिक बढ़ गया है।  इसी लिए लेखकोंने भी पर्यावण प्रदुषण पर निबंध लिखना सुरु कर दिया है जिससे उन्हें कही ज्यादा लाभ हुआ है 

प्रदुषण का प्रभाव और समस्या :

पर्यावण में प्रदुषण क कारण मनुष्यो को बहोत ज्यादा तक्लीक होती है। मिलो,कारखानो, वाहनों ,और किट नाशको के द्वारा उत्पंन होता है। बड़े सहेरो में ऐसी टी तकलीफे ज्यादा होती है। सहेरो में २४ घंटे वाहनों एवम कारखानों की वजह से धुँआ उत्पन होता है और वो हवा में प्रदुषण करता है  इस के कारण शाहेरो में मिररिया बढ़ जाती है।जहा पर पेड़ पौधे ज्यादा होते है वह पर प्रदुषण कम होता है।   


pradushan essay
This Image By Mashable India


स्वस्थ्य पर पर्यावण प्रदुषण का असर :

यह बतना अनावश्यक है की पर्यावरण  ने मानव की मूलभूत आवश्यकताओं अर्थात जल, भोजन, वायु और मिट्टी सभी पर आपने विषैले तंतुओको फैला दिया है।  यह हमारे मनुष्य जीवन को रहने ,खाने और पीने को प्रभावित करता है।  ऐसा खाना और पीना इन्शानो के साथ साथ जानवरो को भी नुकशान पहोचाता है।  विभिन्न चीजे हवा और पानी को प्रदूषित करती है जैसे मोटर वहन प्रज्वलत और उद्योगों से गैसीय रिलीज हव के अंदर जीवास्म ईंधन चलाना ,आदि ठोस उद्योगिक अपशिस्ट ,तेल फैल प्लास्टिक डंप और पानी में फेकने वाला शहर का कचरा नदी और शहरों को प्रदूषित करता है। इसी तरह खेती की अकार्बनिक क्रियाए मिट्टीकी उर्वरता नस्ट करती है।  


    जैसे की आप जानते हो की पानी पिने  के लिए उपयोग में लिया जाता है भोजन बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली मिट्टी और साँस लेने के लिए हवा को pradushan essay in hindi उपयोग में लिया जाता है। ये तीनो दूषित तत्व मानव के शरीर  में अंदर आपने प्रदूषकों को डालते है और इसके  परिणाम स्वरूप शरीर में अलग  अलग  प्रकार के  रोग होते है। 


कृषि उपशिस्ट :


लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण ,कुषि उत्पादो की मांग कही गुना बढ़ गई है। इस से कृषि उत्पादकता बढ़ने के लिए कीटनाशकों का  उपयोग करने से उत्पादकता बढ़ती है। हलाकी ,इस प्रथा का पर्यावरण पर आपने प्रभाव है। उदहारण के  लिए भारत मे  पंजाब की कपास   यद्योग के लिए वरदान रही है ,लेकिन साथ ही,इस क्षेत्र में रहने वाले लोगो को कीटनाशकों और रसायनो के बड़े उपयोग के कारण कैँशर के विभिन्न रोगो पीड़ित पाया गया है 


निष्कर्ष :    

 अगर प्रदूषण को काम करना है तो सामाजिक जागरूक्ता की आवश्यकता है। मिडिया को और लोगो इस विषय में सन्देश देना चाहिए।  जलाशय में  शुद्धि कारन होना चाहिए। कोयला तथा पेट्रोलियम  उपयोग गटा कर सॉर ऊर्जा ,पवन ऊर्जा ,बायोगैस ,सी.ऍन.जी,एल. पि. जी    जैसे ऊर्जा शोतो का अधिकाधिक् उपयोग करे। पर्यावरण हमारे ग्रह  को बचने में वहीनता रूप बन गया है। हमें पर्यावरण प्रदूषित होने से  लिए विविभ उपयोंको अपनाने की आवश्यकता है उनमे से कुछ   पेड़  लगाना ,गैर  संसोधनो को काम करना ,कचरे का उचित निपटान आदि शामिल है। यह हर व्यक्ति की जिम्म्मेदारी है की वह हमारे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाए।    


Pradushan Par Nibandh In Hindi 250 Words



प्रदुषण आज के समय का एक सबसे बड़ा मुद्दा है जिसके बारे में सभी जानते है। पर्यावण प्रदुषण हमारे जीवन की सबसे बड़ी समस्या है। प्रदुषण की वजह से हमारा पर्यावण बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है। आपका फैलाया हुआ प्रदूषण किसी भी तरह का हो लेकिन वो बहुत समय बाद हमारे पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक हो सकता हैं। 



Pradushan ka Nibandh


प्रदुषण के कारन हमारी पृथ्वी दूषित होती है ओर हमारे पर्यावण का संतुलन बिगड़ जाता है। हम सभी लोग प्रदूषित दुनिया में रह रहे है। मनुष्य प्रजाति प्रदुषण को उत्पन करने में सबसे बड़ा योग दान है। इस पृथ्वी पर सभी चीजे प्रदूषित है जैसे की वायु,जल ,पानी ,भोजन वगेरा । लोग पॉलीथिन एवम पेट्रोलियम जैसी प्रदूषित चीजे ज्यादातर उपयोग में लेते है। जिसकी वज़ह से पर्यावण और Pradushan Par Nibandh In Hindi 250 Words  मनुष्यो पर ज्यादा हानि हो रही है। वैज्ञानिको द्रारा भी इसे सूचीबुद्ध किया गया है और हमारी सराकर भी इस विषय में ज्यादा चिंतित है। 

बताया जाये तो आम तौर पर पर्यावण कें तीन प्रकार होते है। अजैविक या निर्जीव जैविक या सजीव या ऊर्जा ऐसे तीन प्रकार होते है। 

प्रदुषण को बठाने की जिम्मेदार मनुष्य जाती खुद ही है । क्युकी मनुष्य जाती ऐसी कही चीजों का उपयोग कर रही है जिसे बनाने में कही ज्यादा हानिकारक पदाथो का उपयोग किया जाता है और ये चीज उपयोग के बाद फालतू हो जाती है तब इन्हे फेक दिया जाता है इसे के कारन से पृथ्वी पर आसपास का वातावरण बिगड़ जाता है। ऐसी चीजे केमिकल्स बन जाती है और वो प्रदुषण को ज्यादा दूषित करती है। प्रदुषण की समस्या बड़े सहेरो में ज्यादा देखि जाती है क्युकी वह दिन कारखानों का और मोटरगाड़िओका धुँआ ज्यादा पापाया जाता है जिसकी वजह से लोगो को साँस लेने में भी दिक्कत होती है। मनुष्य अपनी प्रगति के लिए पेड़ और पोधो को ज्यादातर काट रहा है जिसके कारण पृथी पर प्रदुषण बढ़ रहा है जिसकी वजह से बीमारिया बढ़ रही है। 

पर्यावण में कार्बोन डायोक्साइड का प्रमाण अधिक मात्रा में होता जा रहा है जिसके कारन पृथ्वी पर का तापमान बढ़ता जा रहा है ऐसे ही पृथ्वी पर तापमान बढ़ने से ओजोन परत को हानि हो रही है जिसकी वजह से सूर्य की किरणे सीधे धरती पर आने लगती है और मनुष्य को अलग तरह की बीमारिया होने लगती है। जिसके कारण कही लोगो की मोत भी हो जाती है। 

मनुष्य को प्रकृति से मिली ये एक अनमोल भेट है जो वो ऐसे ही व्यर्थर रहा है। मनुष्य सभी तरह के पर्यावण को प्रभावित कर रहा है। जीवन की सभी परिस्थितिओ Pradushan Par Nibandh In Hindi 250 Words 
प्रदुषण का प्रभाव और समस्या : पर्यावण में प्रदुषण क कारण मनुष्यो को बहोत ज्यादा तक्लीक होती है। मिलो,कारखानो, वाहनों ,और किट नाशको के द्वारा उत्पंन होता है। बड़े सहेरो में ऐसी टी तकलीफे ज्यादा होती है। सहेरो में २४ घंटे वाहनों एवम कारखानों की वजह से धुँआ उत्पन होता है और वो हवा में प्रदुषण करता है इस के कारण शाहेरो में मिररिया बढ़ जाती है। pradushan essay in hindi जहा पर पेड़ पौधे ज्यादा होते है वह पर प्रदुषण कम होता है। 

यह बतना अनावश्यक है की पर्यावरण ने मानव की मूलभूत आवश्यकताओं अर्थात जल, भोजन, वायु और मिट्टी सभी पर आपने विषैले तंतुओको फैला दिया है। यह हमारे मनुष्य जीवन को रहने ,खाने और पीने को प्रभावित करता है। ऐसा खाना और पीना इन्शानो के साथ जानवरो को भी नुकशान पहोचाता है। विभिन्न चीजे हवा और पानी को प्रदूषित करती है जैसे मोटर वहन प्रज्वलत और उद्योगों से गैसीय रिलीज हव के अंदर जीवास्म ईंधन चलाना ,आदि ठोस उद्योगिक अपशिस्ट ,तेल फैल प्लास्टिक डंप और पानी में फेकने वाला शहर का कचरा नदी और शहरों को प्रदूषित करता है। इसी तरह खेती की अकार्बनिक क्रियाए मिट्टीकी उर्वरता नस्ट करती है।जैसे की आप जानते हो की पानी पिने के लिए उपयोग में लिया जाता है भोजन बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली मिट्टी और साँस लेने के लिए हवा को उपयोग में लिया जाता है। ये तीनो दूषित तत्व मानव के शरीर में अंदर आपने प्रदूषकों को डालते है और इसके परिणाम स्वरूप शरीर में अलग प्रकार के रोग होते है। 

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध in Hindi Pdf Download 


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